RTI Second Appeal: 90 दिन की डेडलाइन न चूकें, जानें दूसरी अपील के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी और कैसे करें आवेदन

RTI में जवाब नहीं मिला तो दूसरी अपील कैसे करें? जानें 45 और 90 दिन की समय-सीमा, जरूरी दस्तावेज, अपील के आधार, मुआवजे के नियम और CIC के दिशा-निर्देश।
अगर RTI के तहत मांगी गई जानकारी नहीं मिली है, जवाब अधूरा है या प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दूसरी अपील का रास्ता खुला है। लेकिन दूसरी अपील दाखिल करते समय दस्तावेजों और समय-सीमा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने दूसरी अपील के पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज, 45 दिन और 90 दिन की समय-सीमा तथा अपील को तेजी से निपटाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
RTI Second Appeal क्या है?
RTI के तहत सबसे पहले संबंधित लोक प्राधिकरण के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) से जानकारी मांगी जाती है। यदि जानकारी नहीं मिलती, अधूरी मिलती है या आवेदक जवाब से संतुष्ट नहीं है तो प्रथम अपील की जा सकती है।
इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर केंद्रीय सूचना आयोग में Second Appeal यानी द्वितीय अपील दाखिल की जा सकती है।
दूसरी अपील RTI Act, 2005 की धारा 19 के तहत की जाती है। केंद्रीय सूचना आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार दूसरी अपील के साथ कुछ दस्तावेज अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होते हैं।
दूसरी अपील कब दाखिल कर सकते हैं?
दूसरी अपील दाखिल करने से पहले पहली अपील की स्थिति समझना जरूरी है।
यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण ने फैसला दे दिया है, तो आवेदक उस फैसले के बाद दूसरी अपील कर सकता है। वहीं यदि पहली अपील दाखिल करने के बाद कोई फैसला या जवाब नहीं मिला है तो 45 दिन की अवधि पूरी होने के बाद दूसरी अपील का रास्ता खुलता है।
CIC के अनुसार दूसरी अपील सामान्यतः प्रथम अपीलीय प्राधिकरण का निर्णय वास्तव में प्राप्त होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर दाखिल की जानी चाहिए।
यदि पहली अपील पर कोई जवाब नहीं मिला है तो पहली अपील दाखिल करने के 45 दिन पूरे होने के बाद अगले 90 दिनों के भीतर दूसरी अपील दाखिल करनी चाहिए।
आसान भाषा में समझें
पहली अपील का फैसला मिल गया:
फैसला मिलने की तारीख से 90 दिन के भीतर दूसरी अपील करें।
पहली अपील का कोई जवाब नहीं मिला:
पहली अपील दाखिल करने के 45 दिन पूरे होने के बाद 90 दिन की अवधि में दूसरी अपील करें।
इसलिए RTI आवेदक के लिए पहली अपील की तारीख और उसके फैसले की प्राप्ति की तारीख का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।
90 दिन निकल गए तो क्या दूसरी अपील नहीं हो सकती?
सिर्फ 90 दिन की अवधि निकल जाने से हर मामला खत्म नहीं हो जाता। CIC के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित अवधि के बाद दाखिल की गई दूसरी अपील को आयोग स्वीकार कर सकता है, यदि वह इस बात से संतुष्ट हो कि आवेदक को समय पर अपील दाखिल करने से पर्याप्त कारण के चलते रोका गया था।
ऐसे मामले में देरी को माफ करने यानी condonation of delay का अनुरोध करना जरूरी हो सकता है। पुराने CIC कार्यालय आदेश में भी निर्धारित अवधि के बाद दाखिल दूसरी अपील के साथ देरी माफी के अनुरोध का उल्लेख किया गया है।
इसलिए 90 दिन की समय-सीमा को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। यदि देरी हो गई है तो देरी का स्पष्ट और पर्याप्त कारण बताते हुए अनुरोध देना चाहिए।
Second Appeal के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
केंद्रीय सूचना आयोग के अनुसार दूसरी अपील के पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेज अनिवार्य हैं।
1. दूसरी अपील की प्रति
दूसरी अपील विधिवत हस्ताक्षरित होनी चाहिए और केंद्रीय सूचना आयोग को संबोधित होनी चाहिए।
2. RTI आवेदन की कॉपी
जिस RTI आवेदन के जरिए CPIO से सूचना मांगी गई थी, उसकी प्रति लगाना जरूरी है।
3. पहली अपील की कॉपी
प्रथम अपीलीय प्राधिकरण (FAA) के सामने दाखिल की गई पहली अपील की प्रति भी साथ लगानी होगी।
4. तीनों दस्तावेजों में संबंध होना चाहिए
RTI आवेदन, पहली अपील और दूसरी अपील एक-दूसरे से संबंधित होने चाहिए। यानी दूसरी अपील में ऐसा मुद्दा नहीं उठाया जाना चाहिए जिसका संबंध मूल RTI आवेदन या पहली अपील से ही न हो।
5. दस्तावेज पढ़ने योग्य हों
RTI आवेदन, पहली अपील और दूसरी अपील की प्रतियां स्पष्ट और पढ़ने योग्य होनी चाहिए।
6. हिंदी या अंग्रेजी में दस्तावेज
CIC के दिशा-निर्देशों के अनुसार ये दस्तावेज हिंदी या अंग्रेजी में होने चाहिए। यदि मूल दस्तावेज किसी अन्य भाषा में हैं तो हिंदी या अंग्रेजी में अनुवादित प्रति उपलब्ध करानी होगी।
ये दस्तावेज उपलब्ध हों तो जरूर लगाएं
कुछ अन्य दस्तावेज भी दूसरी अपील की उचित प्रस्तुति के लिए महत्वपूर्ण हैं। CIC की सूची में इनके उपलब्ध होने पर प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
- CPIO से प्राप्त जवाब की प्रति
- प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के आदेश की प्रति
- अपील में जिन अन्य दस्तावेजों पर भरोसा किया गया है, उनकी प्रतियां
- सभी दस्तावेजों का इंडेक्स
- दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन और प्रमाणीकरण
CIC के अनुसार अपीलार्थी द्वारा दस्तावेजों को विधिवत authenticated और verified किया जाना चाहिए।
दूसरी अपील में सिर्फ शिकायत लिखना पर्याप्त नहीं
CIC ने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए दूसरी अपील में मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट रूप से देने की सलाह दी है।
अपील में यह साफ होना चाहिए कि:
क्या जानकारी मांगी गई थी → क्या जानकारी मिली → कौन-सी जानकारी नहीं मिली → जवाब से असंतोष क्यों है → दूसरी अपील का आधार क्या है → आयोग से क्या राहत मांगी जा रही है।
इसलिए दूसरी अपील में केवल यह लिखना कि “मुझे जानकारी नहीं मिली” पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। मांगी गई जानकारी और उपलब्ध नहीं कराई गई जानकारी को स्पष्ट रूप से बताना बेहतर है।
दूसरी अपील में क्या मांगना है, यह स्पष्ट लिखें
CIC के अतिरिक्त दिशा-निर्देशों में दूसरी अपील में specific grounds और उसके बाद specific prayer देने की बात कही गई है।
इसका मतलब है कि अपीलकर्ता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि सूचना क्यों उपलब्ध कराई जानी चाहिए और आयोग से वह क्या आदेश चाहता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी RTI आवेदन में पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी और केवल दो बिंदुओं का जवाब मिला, तो अपील में शेष तीन बिंदुओं की जानकारी स्पष्ट रूप से बताना अधिक प्रभावी होगा।
मुआवजा मांगना है तो नुकसान भी बताना होगा
यदि अपीलकर्ता दूसरी अपील में मुआवजा मांगता है तो केवल मुआवजे की मांग करना पर्याप्त नहीं है।
CIC के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपील में यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुआवजा क्यों मांगा जा रहा है और सूचना नहीं मिलने से अपीलकर्ता को किस प्रकार का नुकसान या detriment हुआ है।
इसी मामले पर CIC का पुराना आदेश है तो उसकी कॉपी लगाएं
यदि उसी लोक प्राधिकरण के खिलाफ समान मुद्दे पर केंद्रीय सूचना आयोग पहले कोई आदेश दे चुका है, तो उसकी प्रति दूसरी अपील के साथ देना उपयोगी है।
CIC ने भी समान मुद्दे पर उसी लोक प्राधिकरण के खिलाफ आयोग के आदेश की प्रति उपलब्ध कराने को मामलों के तेजी से निपटारे में सहायक बताया है।
लोक प्राधिकरण को दूसरी अपील की कॉपी देने का सबूत भी रखें
दूसरी अपील की एक प्रति संबंधित लोक प्राधिकरण को उपलब्ध कराने और उसका प्रमाण सुरक्षित रखने का भी CIC ने उल्लेख किया है।
इसलिए अपील भेजने के बाद उसकी डिलीवरी, प्राप्ति या अन्य उपलब्ध प्रमाण को संभालकर रखना चाहिए और उसकी प्रति अपील के साथ लगानी चाहिए।
Second Appeal दाखिल करने से पहले यह चेकलिस्ट देखें
दूसरी अपील भेजने से पहले RTI आवेदक इस सूची से दस्तावेजों की जांच कर सकता है:
** दूसरी अपील पर हस्ताक्षर किए हैं
** मूल RTI आवेदन की कॉपी लगाई है
** पहली अपील की कॉपी लगाई है
** CPIO के जवाब की कॉपी लगाई है, यदि मिला है
** FAA के आदेश की कॉपी लगाई है, यदि मिला है
** अन्य संबंधित दस्तावेज लगाए हैं
** दस्तावेजों का इंडेक्स बनाया है
** सभी दस्तावेज पढ़ने योग्य हैं
** जरूरत होने पर हिंदी/अंग्रेजी अनुवाद लगाया है
** दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाणीकरण किया है
** दूसरी अपील की समय-सीमा जांची है
** लोक प्राधिकरण को दूसरी अपील की कॉपी देने का प्रमाण सुरक्षित रखा है
RTI Second Appeal में सबसे ज्यादा ध्यान किस बात पर दें?
दूसरी अपील दाखिल करने वाले आवेदक के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा मामला एक ही RTI आवेदन से जुड़ा और स्पष्ट दिखाई दे।
RTI आवेदन में जो जानकारी मांगी गई थी, पहली अपील उसी से संबंधित हो और दूसरी अपील में भी उसी सूचना के न मिलने या अधूरी मिलने का स्पष्ट उल्लेख हो। इससे आयोग के सामने मामले की पृष्ठभूमि समझना आसान होता है।
दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु समय-सीमा है। पहली अपील की तारीख और FAA के फैसले की प्राप्ति की तारीख नोट करके रखें। 90 दिन की अवधि समाप्त होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते दूसरी अपील दाखिल करना बेहतर है।
Second Appeal दाखिल करने में मदद कहां मिलेगी?
केंद्रीय सूचना आयोग ने दूसरी अपील दाखिल करने में सहायता के लिए हेल्प डेस्क की जानकारी भी दी है।
CIC Help Desk: 011-26767500
ईमेल: fdesk-cic@gov.in
CIC ने यह भी कहा है कि आयोग से किए जाने वाले संचार में मोबाइल नंबर और ईमेल पता उपलब्ध कराया जाए, ताकि आयोग जरूरत पड़ने पर आवेदक की सहायता कर सके।
ध्यान रखें: Central और State Information Commission अलग हैं
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) मुख्य रूप से केंद्रीय लोक प्राधिकरणों से संबंधित RTI मामलों की दूसरी अपील सुनता है। यदि मामला राज्य सरकार या राज्य के किसी लोक प्राधिकरण से संबंधित है, तो संबंधित State Information Commission की प्रक्रिया लागू हो सकती है।
इसलिए दूसरी अपील दाखिल करने से पहले यह जरूर जांचें कि संबंधित लोक प्राधिकरण केंद्रीय है या राज्य सरकार के अधीन।